केजरीवाल के विरोधी भी नहीं माने मिश्रा का आरोप - DAINIK JHROKHA

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Monday, May 8, 2017

केजरीवाल के विरोधी भी नहीं माने मिश्रा का आरोप

कपिल मिश्रा केजरीवाल पर 2 करोड़ लेने का आरोप लगा बने हसी के पात्र 




नई दिल्ली  आम आदमी पार्टी में कई दिनों से अंदर ही अंदर बगावत के सुर दिखाई दे रहे थे। जब कपिल मिश्रा मंत्री पद हटा दिया उसके बाद सब कुछ सामने आने लगा। जब मिश्रा ने पद मुक्त होने के बाद बगावत का सुर अख्तियार कर लिया। कहने लगे मुख्यमंत्री से मिलकर उनके सामने कुछ तथ्य रख्खे है। कल सार्वजनिक रूप से खुलासा करुगा। टैंकर घोटाले का एक एक सच सामने लाऊंगा। सबकी निगाहे कपिल की  प्रेस कांफ्रेस पर टिकी थी। प्रेस कांफ्रेस होते ही सारा मामला साफ हो गया। 




मिश्रा में अपने  प्रेस कांफ्रेस में बोलते हुए सीधे केजरीवाल को निशाना बनाया। मिश्रा ने कहा मुझे यहां राजघाट आकर बहुत ऊर्जा और ताकत मिलती है। मैं सबसे पहले ये बात कहना चाहता हूं कि ये पार्टी मेरी है। हमने इस पार्टी के लिए लाठी डंडे खाए हैं और हमें पार्टी से  कोई नहीं निकाल सकता। अगर यहां कुछ भ्रष्टाचार आ गया है ‌तो इस पर झाड़ू चलाने की जरूरत है। कार्यकर्ताओं की पार्टी है। ना मैं छोड़ूंगा न कोई पार्टी से निकाल सकता है। पूरी की पूरी कैबिनेट का अकेला ऐसा मंत्री हूं जिस पर कोई करप्शन चार्ज नहीं है। किसी भी रिश्तेदार क‌िसी बेटी को किसी भी पद पर नहीं रखा। तीसरी चीच जब मैंने जब अपनी रिपोर्ट के बारे में एसीबी में लिखा तभी क्यों मुझे मंत्री पद से हटाया गया। पहले पानी की समस्या क्यों नहीं थी जब मैंने च‌िट्ठी ल‌िखी थी तब ही क्यों क‌िया। मेरी जिम्मेदारी थी कि जो मैंने देखा वो उपराज्यपाल महोदय को बताऊं तो मैंने आज उन्हें बता द‌िया।  सत्येंद्र जैन ने केजरीवाल को एक जमीन के लिए 50 करोड़ की डील कराई। केजरीवाल के किसी सगे रिश्तेदार की जमीन के लिए पैसे दिए गए। मैंने खुद सत्येंद्र जैन को केजरीवाल को 2 करोड़ रुपए देते देखी। मुझे रातभर नींद नहीं आई। इस पर जब मैंने केजरीवाल से कहा तो वो बोले कि राजनीति में ऐसा होता रहता है।




इसके बाद ब्यान आने के दौर शुरू हो गए जिसमे अरविन्द केजरीवाल के धुर विरोधी भी ये मानने को तैयार नहीं थे कि अरविन्द केजरीवाल रिश्वत ले सकते है। पूरी पार्टी भी एक सुर में केजरीवाल के साथ कड़ी रही। आरोप के बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और सपोर्टर जो कुछ दिनों से आपस में गुटबंदी चल रही थी वो सभी आज एक सुर में केजरीवाल के साथ कड़ी नजर आयी। और कार्यकर्ताओ और स्पोर्टरो में एक नई जोस दिखाई दिया। मिश्रा आरोप क्या लगाया पूरी पार्टी आज एक जुट हो गयी। 


कप‌िल मिश्रा के आरोपों के बाद मनीष स‌िसोद‌िया ने प्रेस कांफ्रेंस कर कप‌िल के आरोपों का खंडन क‌िया और कहा कल मैंने कपिल को बताया कि केजरीवाल मंत्रीमंडल पर में फेरबदल करने वाले हैं। मैंने ये भी बताया कि दिल्ली के कई इलाकों से पानी की दिक्कतों की खबर आ रही है, इसलिए उन्हें पद से हटाया गया। जब उनसे कपिल के आरोप पर सवाल किया गया तो वो बोले कि वो बात ऐसी जिसपर जवाब देने लायक नहीं है। ये बात उल जलूल है। इसका कोई आधार नहीं है और इस पर कोई विश्वास नहीं करेगा। उन्हें मंत्रिमंडल से हटाया गया इसलिए वो ऐसी बातें कर रहे हैं।



कपिल मिश्रा की प्रेस कॉन्फ्रेंस खुद मिश्रा पर कई सरे सवाल खड़ा करता है। पूरा देश जानता है कि आम आदमी पार्टी अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। सरकार गिराये जाने और पार्टी टूटने की संभावनाएं पिछले कुछ दिनों से जताई जा रही है। यही सही मौका है केजरीवाल पर सीधा हमला कर इस पार्टी को पूरी तरह खत्म करने का। क्या ये केवल संयोग है कि इसी दौर में मिश्राजी केजरीवाल को 2 करोड़ नगदी लेते देख ले? उन्होंने कहा कि मैंने परसो देखा और कल रात भर सो नही पाया।

कल तक मिश्रा जी टवीट पे टवीट कर कह रहे थे कि वो दिल्ली की पिछली कांग्रेस सरकार के दौर में 2012 से 2015 के बीच हुए टैंकर घोटाले पर खुलासा करने वाले है। प्रेस वार्ता में तो उस घोटाले का जिक्र भी नही था। क्या मीडिया अटेंशन को देखते हुए समय पर रणनीति बदल कर सीधे केजरीवाल पर निशाना साधा गया? एसीबी को लिखे जिस पत्र का जिक्र करते हुए मिश्राजी कह रहे है कि उसके कारण मुझे निकाला गया, उस पत्र में तो केवल शिला दीक्षित जी का नाम है, केजरीवाल का जिक्र ही नही। बिना सोये पूरी रात गुजार दी जिस दृश्य को देखकर अगली सुबह एसीबी को लिखे पत्र में उसका जिक्र भी न हो ? कई दिनों से चर्चा चल रही है और कुछ बीजेपी नेताओं ने भी कहा है कि कुछ ही महीनों में दिल्ली की सरकार गिर जाएगी। यदि बेजीपी दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार को गिराने या पार्टी को तोड़ने के लिए आम आदमी पार्टी में भेदी को खोजे तो मिश्राजी से बेहतर और कौन हो सकता है? मिश्राजी की माताजी बेजीपी की नेता और बेजीपी टिकट पर दिल्ली की पहली मेयर रह चुकी है। अरविंद केजरीवाल क्या भ्रष्ट होने के साथ मूर्ख भी है जो अपने किसी सहयोगी के बजाय खुद नगदी अपने हाथों ले और वो भी मिश्राजी के सामने। क्या कोई भ्रष्ट नेता इतनी बड़ी मूर्खता कर सकता है?  क्या ये संभव है कि पिछले 3 सालों से केजरीवाल की क्लोज कोटरी और उनके विश्वास पात्र मंत्री रहने के बावजूद मिश्राजी उनके खिलाफ कोई सबूत नही जुटा पाये, जबकि उनके हिसाब से केजरीवाल भ्रष्ट है। इस गंभीर आरोप से जुड़े सबूत मिश्राजी जांच एजेंसियों को देंगे यहां तक तो समझ आता है लेकिन क्या कारण है कि वो इतना भी नही बता पा रहे कि इस लेन देन के समय वो वहां क्या कर रहे थे? नोट कौनसे थे? किस तरह दिए गए? केजरीवाल हो या कोई और यदि पुख्ता सबूत है तो सख्त से सख्त करवाई हो। लेकिन किसी के आरोप लगाने या गवाही देने से यदि हम किसी को भृष्ट मानने लग जाए तो माननीय प्रधानमंत्री तो कातिल साबित हो जाएंगे। ऐसे गंभीर आरोपो के साथ राणा अय्यूब ने गुजरात फाइल्स नामक एक किताब छापी है।



फिर दौर शुरू हुआ सोशल  मीडिया की जिस पर आप स्पोर्टरो ने मिश्रा की जमकर मजाक उड़ाया जो कुछ टवीट की स्क्रीन साट इस तरह है 




आखरी में मिश्रा न घर के रहे न घाट के क्यों की उनके आरोपों दम नहीं था।  कपिल को पहले 

सोचना चाहिए था की केजरीवाल के ऊपर भ्रस्टाचार का आरोप विरोधी भी नहीं लगते क्यों की उनको मालूम 
है की उनपर भ्रष्टाचार का आरोप कोई नहीं मानेगा।  जो ब्यक्ति कमिश्नर की नौकरी छोड़ दी मुख्यमंत्री की कुर्शी छोड़ दी उसे 2 करोड़ लेने के लिए कमिनश्नर की नौकरी क्या बुरा था। 




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