दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी के नेता श्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि चुनाव आयोग ने आज हुई बैठक में हमें हैकाथॉन यानी ईवीएम के साथ छेड़छाड़ करने का मौका देने से मना कर दिया है।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि चुनाव आयोग ने आज हुई बैठक में हमें हैकाथॉन यानी ईवीएम के साथ छेड़छाड़ करने का मौका देने से मना कर दिया है। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने अपने ट्वीट में कहा कि चुनाव आयोग ने हैकाथन कराने से मना किया। कहा-हम सिर्फ यह साबित करने का चैलेंज देंगे कि पिछले चुनाव की मशीनों में टेम्परिंग हुई थी।
बैठक में 43 राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया। लोगो का कहना है की कुछ राजनीतिक दल अपने तकनीकी एक्सपर्ट भी साथ लेकर आये थे। माना जा रहा था कि इस बैठक के बाद चुनाव आयोग हैकेथोन यानि ईवीएम टेम्परिंग की अनुमति दी जा सकती हैं। EVM पर सवाल उठाने वाली आम आदमी पार्टी चाहती थी कि चुनाव आयोग उन्हें हैकेथोन का मौका दे। लेकिन चुनाव आयोग ने चैलेंज स्वीकार नहीं किया। इस बैठक में सबसे पहले चुनाव आयोग के EVM एक्सपर्ट ने सभी राजनीतिक दलों को बताया कि कैसे एवीएम टैम्पर प्रूफ है। बैठक के बाद बाहर निकले भारतीय जनता पार्टी नेता ने कहा कि दो दिन में चुनाव आयोग टेम्परिंग करने का मौका दे सकता है। लेकिन चुनाव आयोग की बैठक से बाहर आये और दलों के नेताओं की बातचीत के बाद लग रहा है कि वह आम आदमी पार्टी की मांग को चुनाव आयोग नहीं मानेगा। लेकिन कुछ मीडिया चैनलों द्वारा यह समाचार भी प्रसारित कराया जा रहा है कि चुनाव आयोग रविवार एव सोमवार को आप पार्टी को मौका दे सकता है जबकि ECI ने साफ तौर पर मना कर चूका है।
कुछ दलों को यह डर भी शता रहा है कि अगर वह एवीएम हैक करने में असफल रहे तो देश में सभी विपक्षी दलों को लेकर जनता में यह सन्देश जायेगा कि वह एक संवैधानिक संस्था पर सवाल उठा रहे है। इसलिए ज्यादातर राजनीतिक पार्टियां हैकाथॉन के अतिरिक्त चुनाव आयोग से यही मांग करेगी कि आने वाले चुनाव VVPAT के बगैर न करवाए जाएं।
अब आम आदमी पार्टी के पास सबसे बड़ी चुनौती है जो लगातार ईवीएम को हैक करने का दावा कर रही है। एनडी टीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में चुनाव आयोग की ईवीएम को बनाने वाली कंपनी BHEL का कहना है कि इस मशीन का मदर बोर्ड बदला जा सकता है लेकिन उस स्थति में यह ईवीएम नहीं रह जाएगी। लेकिन सवाल ये भी है की अगर ऐसा नहीं हो सकता तो आम आदमी पार्टी के MLA सौरभ भरद्वाज का चैलेंज स्वीकार क्यों नहीं क्र रहे है।सवाल यह भी उठता है कि चुनाव आयोग आम आदमी पार्टी को मशीन के साथ किस हद तक छेड़छाड़ करने का मौका देता है। क्या वह मशीन का मदर बोर्ड या हार्डवेयर बदलने का मौका देगा या नहीं। चुनाव आयोग का भी कभी भी इस खुले तौर पर जबाब नहीं मिला है।
आयोग को सामने आना चाहिए और देश की जनता को विश्वास दिलाना चाहिए की उनकी चुनाव की प्रकिरिया ठीक है

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