दिल्ली सरकार अक्सर विवादों में रहने के बाद भी कमाल कर दिखाया। आम आदमी पार्टी की सरकार को अक्सर मीडिया और बीजेपी जानबूझ कर झूठे आरोप लगती रहती है। इसके बावजूद भी केजरीवाल ने दिल्ली की ग्रोथ रेट का देश सभी राज्यों को पछाड़ते हुए झंडा गाड़ गया है। आर्थिक वृद्धि दर के मामले में दिल्ली न सिर्फ नैशनल लेवल के ग्रोथ से ऊपर है बल्कि देश के बड़े राज्यों को भी पीछे छोड़ चुकी है। दिल्ली सरकार ने सोमवार को नए बेस ईयर 2011-12 के आधार पर वित्त वर्ष 2016-17 के लिए राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) अनुमान पेश किए।
दिल्ली सरकार की प्रति व्यक्ति आय न सिर्फ सभी राज्यों से ज्यादा है बल्कि राष्ट्रीय औसत आय से तीन गुना अधिक है। प्रति व्यक्ति कमाई दर के मामले में दिल्ली की स्थिति बहुत तेजी से बेहतर हो रही है। इस वर्ष 2016-17 में दिल्ली वालों की औसत सालाना कमाई 3,03,073 रुपये रहने का अनुमान आका गया है। जो वर्ष 2015-16 में 2,73,618 रुपये थी।
अरविन्द केजरीवाल की दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय दर 10.76 पर्सेंट की दर से बढ़ रही है। इस मामले में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित राज्यों की रैंकिंग में दिल्ली टॉप पर बना हुआ है। जबकि दूसरे नंबर पर गोवा और तीसरे पर चंडीगढ़ हैं। दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से करीब तीन गुना ज्यादा है।
दिल्ली की अर्थव्यवस्था में सर्विस सेक्टर की हिस्सेदारी दर 82.26 प्रतिसत है जबकि सेकंडरी सेक्टर दर 14.84 और प्राइमरी सेक्टर की हिस्सेदारी दर 2.90 प्रतिसत रहने का अनुमान है। सर्विस सेक्टर में भी सबसे ज्यादा योगदान 29.81 % हिस्सा रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विसेज का है। 14.83 % वित्तीय सेवाओं और 11.69 पर्सेंट होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर का है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का योगदान दर 8.41 पर्सेंट है।
दिल्ली सरकार के तरफ से आर्थिक अनुमान जारी करते हुए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि वर्ष 2016-17 में दिल्ली की जीएसडीपी मौजूदा मूल्य के हिसाब से 12.76 % की दर से 6,22,385 करोड़ रहने का अनुमान है। जो इसके पिछले साल 5,51,963 करोड़ रही थी ।

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