लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में जारी चुनावी हिंसा के मद्देनजर राज्य की नौ लोकसभा सीटों पर आगामी 19 मई को होने वाले मतदान के लिए निर्धारित अवधि से एक दिन पहले ही प्रचार अभियान प्रतिबंधित करने के चुनाव आयोग के फैसले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ी प्रतिक्रिया दीया है।
| ममता बनर्जी का चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप, कहा बीजेपी के निर्देश पर लिया फैसला |
पश्चिम बंगाल में जारी चुनावी हिंसा के मद्देनजर राज्य की नौ लोकसभा सीटों पर आगामी 19 मई को होने वाले मतदान के लिए निर्धारित अवधि से एक दिन पहले ही प्रचार अभियान प्रतिबंधित करने के चुनाव आयोग के फैसले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ी प्रतिक्रिया दीया। ममता ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह फैसला बीजेपी के निर्देश पर लिया है।
ममता ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, "कोलकाता में अमित शाह ने दंगा कराया, शाह पर कार्रवाई होनी चाहिए। मोदी जी मुझसे और बंगाल से डरते हैं।"
ममता बनर्जी ने कहा, 'पीएम मोदी मुझसे और पश्चिम बंगाल से डर गए हैं। प्रचार पर रोक का फैसला चुनाव आयोग का नहीं बल्कि पीएम मोदी का है। रोड शो में हिंसा के लिए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह जिम्मेदार हैं। कोलकाता में बीजेपी अध्यक्ष ने हंगामा करवाया। बीजेपी के लोगों ने ही ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़ी है।'
ममता बनर्जी ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर आरोप लगाते हुए कहा, "बीजेपी के निर्देश पर ही चुनाव आयोग ने प्रचार पर रोक लगाने का फैसला लिया है। पश्चिम बंगाल में माहौल खराब करने के लिए अमित शाह पर कार्रवाई होनी चाहिए।
ममता बनर्जी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'अमित शाह ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की, चुनाव आयोग को धमकाया, क्या चुनाव प्रचार पर पाबंदी उसी का परिणाम है? बंगाल डरा नहीं है। बंगाल को टारगेट किया गया क्योंकि मैं पीएम मोदी के खिलाफ हूं।'
ममता ने आरोप लगाते हुए कहा, 'गुंडे बाहर से बुलाए गए, उन्होंने भगवा कपड़े पहनकर हिंसा की, यह हिंसा बाबरी मसिजद के समय के जैसी थी। अमित शाह ने अपनी मीटिंग के दौरान हिंसा की, ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ी लेकिन मोदी जी बुरा नहीं लगा। बंगाल के लोगों ने इसे गंभीरता से लिया है, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। '
बतादे कि चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में 16 मई को रात दस बजे से हर प्रकार के प्रचार अभियान पर प्रतिबंध लगा दिया है। उपचुनाव आयुक्त चंद्रभूषण कुमार ने बताया कि देश के इतिहास में संभवत: यह पहला मौका है जब आयोग को चुनावी हिंसा के मद्देनजर किसी चुनाव में निर्धारित अवधि से पहले चुनाव प्रचार प्रतिबंधित करना पड़ा हो
No comments:
Post a Comment
Thanks For Visit my site