![]() |
| रवीश कुमार |
यह भी पढ़े : केजरीवाल सरकार के सलाहकारों को हटाना BJP की साज़िश, राघव चड्ढा ने गृह मंत्रालय को वापस किये ढाई रुपए का डिमांड ड्राफ्ट
दिल्ली वालों को अफसोस है कि मुंबई की तुलना में उनकी नाक कट रही है। दिल्ली में पेट्रोल 74 रुपये 08 पैसे प्रति लीटर है। सितंबर 2013 में मुंबई में पेट्रोल 83 रुपये 62 पैसे प्रति लीटर हो गया था। उस वक्त लोग दुखी थे। गुस्से में आ गए। क्योंकि तब एटीएम में पैसे भी थे। नगदी का चलन भी आज से कम था।
यह भी पढ़े : अख़बारी और सरकारी नहीं है अंबेडकर जयंती : रवीश कुमार
चार साल पहले अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल का भाव 105 डॉलर प्रति लीटर पहुंचा था जब जाकर मुंबई में 83 रुपये 62 पैसे प्रति लीटर पेट्रोल मिला था। यूपीए सरकार की नालायकी को लोग बर्दाश्त नहीं कर पाए। जब कच्चे तेल का दाम 105 डॉलर प्रति लीटर था तब पेट्रोल 200 रुपये प्रति लीटर क्यों नहीं बेचा गया। इसी बात से लोग नाराज़ हो गए थे। नई सरकार समझ गई। कच्चे तेल का दाम घटा मगर पेट्रोल का दाम उतना ही रखा जिससे लोगों को लगे कि 105 डालर प्रति लीटर वाला ही भाव चल रहा है।
यह भी पढ़े : जुनूनी लोगों को कोई बांध नहीं सकता : रवीश कुमार
मेरा मानना है कि अगर कोई दल 2019 के चुनाव में यह वादा कर दे कि उसकी सरकार बनी तो किसी भी हाल में पेट्रोल 150 रुपये प्रति लीटर से कम पर नहीं बिकेगा, जनता झूम कर वोट दे देगी। इस वक्त जनता ज़्यादा दाम देना चाहती है मगर विपक्ष के रूप में राजनितिक पार्टिया उन्हें भड़का रही है।

No comments:
Post a Comment
Thanks For Visit my site