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Tuesday, March 27, 2018

प्रधान सेवक जी जुमलेबाजी कब तक जारी रखोगेे सरकार ? : संजीव सिंह (आप )



प्रधान सेवक जी जुमलेबाजी कब तक जारी रखोगेे सरकार ? : संजीव सिंह (आप )
संजीव सिंह (आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश )

आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश पूर्वांचल संयोजक संजीव सिंह कहते है कि जुमलेबाजी कब तक जारी रखोगेे सरकार ? ये जानतें है कि अंतराष्ट्रीय कानूनों के तहत पानी बंद नहीं कर सकते। बंद करना है तो पाकिस्तान को "सबसे ज्यादा लोकप्रिय देश (Most Favored Nation)" का दर्जा मोदी सरकार वापस क्यों नहीं लेती ? जबकि ये बात " सर्जिकल स्ट्राइक " के समय सरकार कह रही थी। 




जानते है क्यों नहीं कर रही ? यदि ऐसा किया तो व्यवसायिक मित्रों अम्बानी,अडानी,जिंदल सहित अन्यों का नुकसान हो जायेगा जिन्होंने "प्रधान सेवक" बनवाने में हज़ारों करोङ लगवाया। क्योंकि जिस देश के साथ (M.F.N.) यह समझौता होता है वहां व्यापार करने वाली कम्पनी अपने लाभांश का देश को एक रूपये टैक्स नहीं देती ? 




इसलिए " अबकी बार होशियार सरकार " चुप्पी साधें है। लेकिन जवान शहीद हो तो अपनी बला से,जनता आवाज उठायें तो भारत- पाकिस्तान का या हिन्दू-मुस्लिम की जंग टेलीविजन चैनलों पर बहस के माध्यम से चला दो और जनता दंगे-फसाद के लिये सङको पर आ जाये।


ये वही लोग है जो भगवान श्रीराम के नाम पर अयोध्या में मंदिर तो चाहतें है कहते है- " रामलला हम आयेंगे मंदिर वही बनायेंगे, तो वही विश्व की प्राचीनतम नगरों में (एथेंस और काशी) एक काशी (बनारस)में कहते है- महादेव हम आयेंगे मंदिर सभी तोङवायेगे " जहाँ बाबा विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में सैकङो पौराणिक मंदिरों,विनायको ,भारत माता का मंदिर सहित धरोहरों का विध्वंस कथित " गंगा विश्वनाथ कॉरिडोर " के नाम पर कर रहे है,जहाँ जनता उपेक्षित और आन्दोलनरत है। 


मन की बात करने वाले हम बनारसियो के आदरणीय " प्रधान अभिभावक मा. नरेन्द्र मोदी " जी खामोश क्यों है? समझा जा सकता है कि न ये किसी धर्म के है, न देश के ? माँ गंगा आज अपने दुर्दशा पर रो रही है। जो साध्वी बेटी उमा कहती थी कि 2018 में गंगा अविरल निर्मल न हुई तो " मै जल समाधि ले लूंगी " वह 2018 के पहले " नमामि गंगा " मंत्रालय से (8000/20000 करोङ प्रसाद बांटकर) संन्यास ले लेती है। तो कथित बेटा यह कहता था कि "मुझे माँ गंगा ने बुलाया है" वह गंगा में जल से ही व्यापार करने पर उतारू है।


याद रखना " प्रधान अभिभावक जी " माँ जीवनदायनी है तो माँ गंगा मोक्षदायनी भी है।क्योंकि काशी साधना की नगरी है साधन की नहीं ! बाबा विश्वनाथ के त्रिनेत्ररूपी काशी और देश की जनता के धैर्य की परीक्षा न ले " प्रधान सेवक जी"

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