निकाय चुनाव खत्म होते ही उत्तर प्रदेश में बढे बिजली के दाम - DAINIK JHROKHA

Breaking

Post Top Ad

Post Top Ad

Thursday, November 30, 2017

निकाय चुनाव खत्म होते ही उत्तर प्रदेश में बढे बिजली के दाम



सीएम योगी और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा 
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को अब ज्यादा बिल देना होगा।  राज्य विद्युत नियामक आयोग ने गुरुवार को नई दरों का ऐलान किया और  फैसला नगर निकाय चुनावों के एक दिन बाद आया है।  विपक्ष इस बढ़ोत्तरी को तानाशाहीपूर्ण कदम बता रहा है। 


घरेलू उपभोक्ताओं के लिए औसत बढ़ोत्तरी 12 फीसदी होगी और नई दरें जल्द लागू किया जायेगा। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष एसके अग्रवाल ने संवाददाताओं को बताया कि शहरी घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरें नौ फीसदी तक बढ़ाई गयी  हैं।  जिन ग्रामीण उपभोक्ताओं ने मीटर लगा रखा है उन्हें 100 यूनिट तक तीन रुपये प्रति यूनिट और उसके बाद साढ़े चार रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान करना पड़ेगा।

यूपी के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि बिजली विभाग की ओर से प्रस्ताव था कि घाटे को कैसे पूरा किया जाये। बहुत मामूली वृद्धि की गयी है।  चुनाव से पहले जारी भाजपा के संकल्प पत्र में कहा गया था कि पहली 100 यूनिट तीन रुपये प्रति यूनिट की दर से दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि धीरे धीरे घाटे की भरपाई हो और सरकार द्वारा चोरी पर भी सख्ती से कार्रवाई हो रही हैं। अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। 


श्री शर्मा ने कहा कि विरोधियों का दुष्प्रचार गलत है और तथ्यों से परे है जिन्होंने मीटर नहीं लगा रखे हैं, हम चाहते हैं कि वे मीटर जल्द लगाएं।  प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं अध्यक्ष उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन आलोक कुमार ने कहा कि नई बिजली दरों में ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को पहली सौ यूनिट तीन रुपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना होगा।  इसी प्रकार ऐसे गरीब शहरी परिवार जो सौ यूनिट तक बिजली उपभोग करते हैं उनकी भी बिजली दर तीन रुपये प्रति यूनिट होगी। 


उन्होंने बताया कि जो ग्रामीण उपभोक्ता हर महीने सौ यूनिट तक उपभोग करते हैं, उन्हें लागू दरों के तहत तीन रुपये 68 पैसे प्रति यूनिट देना पड़ेगा।  इसमें बिजली शुल्क शामिल है यानी ग्रामीण उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट लगभग तीन रुपये आठ पैसे की सब्सिडी उपलब्ध होगी। 

उन्होंने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक इकाईयों का सदैव यह कहना रहा है कि उत्तर प्रदेश औद्योगिक इकाईयों पर लागू विद्युत दरें अन्य प्रदेशों की तुलना में अधिक हैं जिसके कारण औद्योगिक माल बेचने में कठिनाइयां आती हैं।  प्रदेश में नये उद्योग स्थापित होने में भी कठिनाई आ रही है। इसी के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास और नये रोजगार सृजन बढ़ाने के उद्देश्य से नई दरों में औद्योगिक इकाईयों के लिए कोई वृद्धि नहीं की गई है। 


समाजवादी  प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बढ़ोत्तरी को आम जनता के साथ विश्वासघात करार देते हुए कहा कि पहले ही लोग महंगाई की मार झेल रहे हैं, अब बिजली के दाम बढ़ाकर भाजपा सरकार ने प्रदेश के जनता की कमर तोड़ दी है। 

कांग्रेस प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल ने कहा कि अगर जनता के बारे में सोचा होता तो ये बढ़ोत्तरी की कोई जरूरत नहीं थी। अगर आपका कदम उचित था तो सप्ताह भर पहले दाम बढ़ा देते लेकिन नगर निकाय चुनावों के कारण ऐसा नहीं किया गया। यह एक तानाशाहीपूर्ण कदम है। 


भारतीय जनता पार्टी  के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने कहा कि पिछली सरकार ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर दरें संशोधित नहीं किया था। इसलिए मौजूदा सरकार को ऐसा करना पड़ रहा है। 


No comments:

Post a Comment

Thanks For Visit my site

Post Top Ad