पंजाब विधान सभा के बिपक्ष के नेता बनाये जाने पर फुल्का ने कहा वादा भूलने नही देंगे
पंजाब में चुनाव नतीजा आने के बाद बुधवार को पार्टी के राष्ट्रीय कन्वीनर केजरीवाल ने पंजाब से जीते सभी बीस विधायकों के साथ बैठक किया। जीतकर आये सभी विधायको को बधाई दिया। और खास मुद्दों पर चर्चा हुआ।
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से सीनियर नेता और दाखा से विधायक बनकर आये श्री एचएस फूलका को आप विधायक दल का नेता चुना गया। पंजाब विधानसभा में H S फुल्का नेता विपक्ष होंगे। आपको मालूम है कि आम आदमी पार्टी के 22 विधायक हैं। वही अकाली -भाजपा गठबंधन के बुरी तरह हार के बाद सिर्फ 18 विधायक ही हैं। इसलिए नेता विपक्ष का पद 'आप ' के खाते में जाता है। इसके साथही साथ भुलत्थ से विधायक बनकर आये श्री सुखपाल खैरा को सर्वसम्मति से चीफ व्हिप चुना गया। अरविंद केजरीवाल ने नवनिर्वाचित विधायकों को विधानसभा के अंदर की कार्यवाही के ऊपर सुझाव दिए। उन्हें समझाया कि उनकी कार्यशैली कैसी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अहंकार बिल्कुल न करे और लोगों के बीच रहें। जनता आपसे वीआईपी कल्चर की उम्मीद नहीं करती इसलिए साधारण बने रहें और लोगो के दिलो में रहे ।
आम आदमी पार्टी को एजेंडे पर आधारित सियासत करनी है। सरकार कुछ अच्छा और सकारात्मक करती है तो उसका समर्थन करें। अगर वादों से भागती है तो वादें याद दिलाएं। सुखपाल खैरा और सूबा कन्वीनर गुरप्रीत सिंह वड़ैच घुग्गी ने भी बैठक को संबोधित किया। बैठक के दौरान विधानसभा चुनाव में अपेक्षाकृत जित न मिलने पर भी चिंतन मनन किया गया। गौरतलब है कि बैठक से पहले ही केजरीवाल ने प्रेस कांफ्रेंस कर खुलासा किया कि ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी की गई। जिसके चलते आप के वोट अकाली-भाजपा और कांग्रेस को शिफ्ट हो गए। सभी नेताओं को निर्देश दिए गए कि वे हार के कारणों पर आधारित लिखित फीडबैक सूबा कन्वीनर वड़ैच को दस दिनों में भेजें। उसके बाद उस पर मंथन के लिए बैठकों का दौर शुरू होगा।

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