![]() |
| कोरोना वायरस के वजह दिल्ली आनंद विहार बसअड्डे पर लोगो का हुजूम |
दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे पर कोरोना वायरस के लॉक डॉउन के चलते शनिवार सुबह से लाखों की संख्या में लोग जुटे रहे। देर रात तक बसअड्डे पर हजारों की संख्या में लाेग यूपी और बिहार के अलग अलग जिलों में जाने के लिए बसों का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारी बसों का इंतजाम करने में जुटे हैँ। वहां भीड़ इस कदर है कि पुलिस को व्यवस्था संभालने में पसीने छूट रहे हैं।
बसअड्डे पर सुरक्षा ब्यवस्था में लगे अधिकारियों ने अनुमान लगाया है कि सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक दिल्ली बार्डर पर यूपी गेट के रास्ते करीब पांच लाख लोगों ने दिल्ली से पलायन किया है। इनमें से करीब साढ़े तीन लाख लोग कौशांबी और लालकुआं से बसों में बैठकर अपने गांव के लिए निकले हैं तो करीब डेढ़ लाख लोगों पैदल ही सफर शुरू कर दिया है। यह आंकड़ा शुक्रवार को हुए पलायन के सापेक्ष लगभग दो गुना है।
#WATCH Migrant workers in very large numbers at Delhi's Anand Vihar bus terminal, to board buses to their respective home towns and villages pic.twitter.com/4nXZ1D1UNn— ANI (@ANI) March 28, 2020
दिल्ली यूपी बार्डर पर तैनात पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली से लोगों का हुजूम सुबह छह बजे आना शुरू हुआ और रात के आठ बजे तक रेला टूटा नहीं है। यह स्थिति उस समय है जब गाजियाबाद पुलिस यूपी गेट से लगातार लोगों को बस में बैठाकर कौशांबी और लालकुंआ पहुंचा रही है। दरअसल, जैसे जैसे सूचना दिल्ली में फैल रही है कि यूपी गेट से गांव जाने के लिए बसों की व्यवस्था है, जो लोग अब तक नहीं जाने का मन बनाए बैठे थे, वह भी अपने गांव के लिए निकल पड़े हैं।
यातायात निरीक्षक बीपी गुप्ता ने बताया कि दोपहर बाद बसों की फ्रीक्वेंसी कम हो गई। सभी लोगों के लिए यूपी गेट से बस की व्यवस्था नहीं हो पायी। बावजूद इसके किसी के माथे पर शिकन नहीं था। लोग बस यही चाह रहे थे कि जैसे भी वह दिल्ली की सीमा पारकर यूपी में घुस जाएं। रास्ते में कहीं ना कहीं बस ट्रक या कोई अन्य साधन तो गांव जाने के लिए मिल ही जाएगा।
यातायात निरीक्षक बीपी गुप्ता ने बताया कि दोपहर बाद बसों की फ्रीक्वेंसी कम हो गई। सभी लोगों के लिए यूपी गेट से बस की व्यवस्था नहीं हो पायी। बावजूद इसके किसी के माथे पर शिकन नहीं था। लोग बस यही चाह रहे थे कि जैसे भी वह दिल्ली की सीमा पारकर यूपी में घुस जाएं। रास्ते में कहीं ना कहीं बस ट्रक या कोई अन्य साधन तो गांव जाने के लिए मिल ही जाएगा।
दोपहर से देर रात तक निकले लाखो लोग
पुलिस ने बताया कि खोड़ा कालोनी से लोग दोपहर बाद निकलना शुरू हुए और देर रात तक उनकी कतारें बनी हुई है। एक अनुमान के मुताबिक केवल खोड़ा कालोनी से ही दोपहर बारह बजे से रात आठ बजे तक करीब डेढ़ लोग बसों से या अन्य माध्यमों से निकल चुके थे। वहीं जिस प्रकार से कतारें लगी हैं, उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि रात भर में करीब इतने ही लोग और निकल जाएंगे।
दूसरे प्रदेशो के लोग भी पहुंचे
अब तक तो यूपी गेट पर उत्तर प्रदेश के ही लोग आ रहे थे, लेकिन शनिवार शाम से राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ के लोग भी पहुंचने लगे हैं। यातायात निरीक्षक बीपी गुप्ता के मुताबिक चूंकि यूपी गेट से अब बस की कोई व्यवस्था नहीं है, ऐसे में इन सभी लोगों को पैदल चलते हुए लालकुआं की ओर जाने दिया जा रहा है। बल्कि अब दिल्ली के विभिन्न अंतरराज्जीय बस टर्मिनल से भी लोग यूपी गेट और कौशांबी बस अड्डा पहुंचने लगे हैं।
कौशांबी से बस सेवा हुआ बेहाल, लालकुआं से शुरू
सुरक्षा ब्यवस्था में लगे पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शाम पांच बजे तक कौशांबी डिपो से खूब बसों को संचालन किया गया। लेकिन इसके बाद यहां से बसों का निकलना लगभग थम गया है। जबकि लालकुंआ से अभी भी हर दस मिनट में बसें यूपी के विभिन्न शहरों के लिए निकल रही हैं। ऐसे में दिल्ली से सीमा पार कर आने वाले लोगों को लालकुआं की ओर जाने दिया जा रहा है।
यह भी पढ़े - पीएम ने 21 दिन के राष्ट्रव्यापी तालाबंदी की घोषणा की, यह कोरोनोवायरस से लड़ने का एकमात्र तरीका है
यह भी पढ़े - पीएम ने 21 दिन के राष्ट्रव्यापी तालाबंदी की घोषणा की, यह कोरोनोवायरस से लड़ने का एकमात्र तरीका है
लाखो लोग कर रहे हैं बस का इंतजार
देर रात साढ़े बजे तक लालकुआं में करीब लगभग 8 हजार लोग खड़े होकर अपने शहर में जाने वाली बस का इंतजार कर रहे थे। इसी प्रकार कौशांबी बस अड्डे पर भी करीब पांच हजार लोग इंतजार करते देखे गए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जैसे जैसे बसों की व्यवस्था हो रही है, लोगों को रवाना किया जा रहा है।
सोशल डिस्टेंसिंग का उड़ रही है धज्जिया
कोरोना के चलते भीड़भाड़ वाली जगहों पर लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल करने के लिए अपील की जा रही है, लेकिन यूपी गेट मजदूरों की भीड़ ने सोशल डिस्टेंस का धज्जिया उड़ा रखा है। लोग भीड़ में एक-दूसरे से सटे हुए नजर आए। वहीं पुलिस भी अधिक भीड़ के चलते लोगों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग बनवाने में असफल रही। इससे कोरोना से खतरे को लेकर सवाल भी खड़े हुए। हालाकि लोग अपने बचाव के लिए मास्क लगा रखे थे। जिनके पास मास्क नहीं थे, वे रुमाल बांध रखे थे।

No comments:
Post a Comment
Thanks For Visit my site