लखनऊ : दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने उन्नाव बलात्कार कांड की पीड़िता से लखनऊ स्थित ट्रामा सेंटर में मुलाकात की, जहां सड़क दुर्घटना के बाद उसे उपचार के लिये भर्ती कराया गया है। मालीवाल ने कहा कि पीड़िता को बेहतर इलाज के लिये विमान से दिल्ली ले जाया जाना चाहिए क्योंकि उसकी हालत गंभीर है।
स्वाति मालीवाल ने कहा कि उन्होंने पीड़िता से मुलाकात की है और उसने व उसके परिजन ने उसकी हत्या की साजिश के तहत यह हादसा कराए जाने का इल्जाम लगाया है। उन्होंने कहा कि वह उस लड़की को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ेंगी।
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योगी सरकार के केस को सीबीआई को देने वाले बयान पर स्वाति मालीवाल ने कहा,' CBI जाँच से क्या होगा? आज तक CBI से फ़र्ज़ी बाबा विरेंदर देव दीक्षित तो पकड़ा नहीं गया! इस मामले में भी राजनीति करेंगे! क्यूँ नहीं SC की देख रेख में जाँच की जाती?
और किस तरह की जाँच चाहिए योगी आदित्यनाथ को सैंगर की विधायकी छींने के लिए? कितने और बलात्कार और मर्डर का इंतज़ार है?
CBI जाँच से क्या होगा? आज तक CBI से फ़र्ज़ी बाबा विरेंदर देव दीक्षित तो पकड़ा नहीं गया! इस मामले में भी राजनीति करेंगे! क्यूँ नहीं SC की देख रेख में जाँच की जाती?— Swati Maliwal (@SwatiJaiHind) July 29, 2019
और किस तरह की जाँच चाहिए योगी आदित्यनाथ को सैंगर की विधायकी छींने के लिए? कितने और बलात्कार और मर्डर का इंतज़ार है? https://t.co/XoJ0JVCtwy
'हम उठाएंगे जिम्मेदारी' - स्वाति मालीवाल
मालीवाल ने ट्विटर पर पोस्ट किया, 'मैं उन्नाव पीड़िता, वकील और डॉक्टर से मिली। डॉक्टर ने बताया लड़की और वकील की स्थिति बहुत नाज़ुक है और बचने के आसार कम हैं। वो मानते हैं कि उनको तुरंत विमान से दिल्ली के सबसे बेहतर अस्पताल में ले जाना चाहिए। परिवार भी यही चाहता है। अस्पताल से मैं बात कर रही हूं। ये जिम्मेदारी हम उठाएंगे।' उन्होंने यह भी दावा किया कि उत्तर प्रदेश में आदित्यनाथ सरकार से कोई भी महिला से अब तक मिलने नहीं आया है।
मैं उन्नाव पिडीता वक़ील और डॉक्टर से मिली।डॉक्टर ने बताया लड़की और वकील बहुत नाज़ुक हैं और बचने के आसार कम हैं। वो मानते हैं उनको तुरंत एर लिफ़्ट कर दिल्ली के बेस्ट अस्पताल में ले जाना चाहिए। परिवार भी यही चाहता है। अस्पताल से मैं बात कर रही हूँ। ये ज़िम्मेदारी हम उठाएँगे। https://t.co/Krva3F7wqq— Swati Maliwal (@SwatiJaiHind) July 29, 2019
उन्होंने ट्विटर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को टैग करते हुए लिखा, 'योगी आदित्यनाथ सरकार से अब तक परिवार से मिलने के लिये कोई नहीं आया। डीजीपी कह रहे हैं कि यह दुर्घटना थी। योगी आदित्यनाथ जी अस्पताल आकर देखिये। कुलदीप सेंगर की विधायकी छीनी जानी चाहिए। उच्चतम न्यायालय मामले को दिल्ली स्थानांतरित करे और 15 दिन के अंदर सेंगर को फांसी दिलानी चाहिए। आज वो बच गया तो देशभर की निर्भया हताश हो जाएंगी।'
योगी आदित्यनाथ सरकार से अभी तक परिवार से मिलने कोई न आया। DGP कह रहा है की दुर्घटना थी। @myogiadityanath जी अस्पताल आओ। कुलदीप सेंगर की विधायकी छीनो।— Swati Maliwal (@SwatiJaiHind) July 29, 2019
SC को केस दिल्ली ट्रान्स्फ़र कर 15 दिन में सेंगर को फाँसी दिलानी चाहिए। आज वो बच गया तो देश भर की निर्भया हताश हो जाएँगी। https://t.co/9YQC8WsGcZ
पीड़िता की रायबरेली जाते समय हुआ हादसा
गौरतलब है कि भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली पीड़िता, उसकी चाची और मौसी अपने वकील महेंद्र के साथ रायबरेली जेल में बंद अपने रिश्तेदार से रविवार को मुलाकात करने जा रही थीं। रास्ते में रायबरेली के गुरबख्श गंज क्षेत्र में यह हादसा हुआ। इस हादसे में पीड़िता की चाची (50) ने स्थानीय अस्पताल में दम तोड़ दिया था। वहीं, हादसे में घायल उसकी मौसी (45) को लखनऊ स्थित ट्रामा सेंटर में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था।
उन्नाव रेप पीड़िता का सुरक्षाकर्मी ही आरोपी BJP विधायक को देता रहा हर जानकारी - पीड़ित परिवार
उन्नाव रेप पीड़िता के एक्सीडेंट मामले में BJP विधायक कुलदीप सेंगर सहित 10 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है. उन्नाव रेप पीड़िता के चाचा ने यह एफआईआर दर्ज करवाई है। उधर, एफआईआर के अनुसार एक नया मामला सामने आया है। एफआईआर के अनुसार उन्नाव रेप पीड़िता की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों ने उसकी गतिविधियों की सूचना जेल में बंद बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर (Kuldeep Sengar) को पहुंचाई थी।

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