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| Bike Ambulance |
नई दिल्ली : आज 7 फरवरी को दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने गुरुवार को समय पर स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने के लिए बाइक एंबुलेंस सेवा की शुरुआत की। बाइक एंबुलेंस सेवा की शुरुआत अत्यधिक यातायात वाले क्षेत्रों और छोटी गलियों तक समय पर स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने के लिए की गई है।
फर्स्ट रिस्पॉन्डर व्हेकिल्स नामक बाइक सेवाएं एक पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर, प्राथमिक चिकित्सा किट और ड्रेसिंग सामग्री, एयर-स्प्लिंट्स, जीपीएस और संचार उपकरणों से सुज्जित होंगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के साथ दिल्ली सचिवालय में 16 बाइक के बेड़े का शुभारंभ किया।
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इस पहल के जरिए भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में एंबुलेंस प्रतिक्रिया सेवा में तेजी लाई जाएगी। केजरीवाल ने कहा, "आज हमने दिल्ली के लोगों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब तक केवल बड़े वाहन ही एंबुलेंस सेवाओं के लिए उपलब्ध थे। अब ये बाइक एंबुलेंस सेवा संकरी गलियों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में सक्षम होगी जिससे यहां रहने वाले लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।"
उन्होंने कहा, "वैन एंबुलेंस छोटी गलियों में नहीं पहुंच पाती हैं। इसलिए 16 बाइक एंबुलेंस लांच की गई हैं। आने वाले समय में यह संख्या बढ़ाई जाएगी।" 40 लाख रुपये की लागत वाली इस परियोजना को पिछले साल मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। सरकार ने कहा, "इसके लिए 40 लाख रुपये के फंड को स्वीकृति भी मिली लेकिन परियोजना केवल 23 लाख रुपये में पूरी हो गई।"
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बाइक एंबुलेंस सेवा सरकार की लचर व्यवस्था : BJP
विपक्ष ने दिल्ली सरकार पर धीमी चाल से योजनाओं को लागू करने का अरोप लगाया है। विपक्ष का कहना है कि कछुए की चाल से चल रही सरकार ने पंद्रह महीने बाद फ्री बाइक एंबुलेंस सुविधा शुरू की है जबकि इस योजना की स्वीकृति दिल्ली के उपराज्यपाल ने 2017 नवंबर को ही दे दी थी। इस बाबत विपक्ष ने दिल्ली के उपराज्यपाल को विरोध पत्र भी लिखा है।
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि जिस कछुए की चाल से आम आदमी पार्टी सरकार चल रही है यह उसका नायाब नमूना है। उपराज्यपाल ने दुपहिये फस्ट रेस्पोंडर व्हीकल की अनुमति 2017 में ही दी थी। एंबुलेंस मोटर-साइकिलें एक वर्ष पहले खरीद भी ली गईं, लेकिन सरकार इस बाइक को एंबुलेंस के रूप में सुसज्जित नहीं कर पाईं और न ही बाइक-एंबुलेंस चलाने के लिए पेरा-मेडिकल स्टाफ, फस्टऐड-किट, ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था कर पाई।

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