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Sunday, May 20, 2018

मुख्यमंत्री रात्रिचर प्राणी ' उल्लू ' है क्या ? या उल्लू ही बनाने बनारस आयें है ? - संजीव सिंह AAP


मुख्यमंत्री रात्रिचर प्राणी  उल्लू  है क्या  या उल्लू ही बनाने बनारस आयें है  - संजीव सिंह AAP
मुख्यमंत्री रात्रिचर प्राणी  उल्लू  है क्या  या उल्लू ही बनाने बनारस आयें है  - संजीव सिंह AAP (फाइल फोटो )

मुख्यमंत्री रात्रिचर प्राणी " उल्लू " है क्या ? या उल्लू ही बनाने बनारस आयें है ? 

वाराणसी: आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश पूर्वांचल प्रान्त अध्यक्ष श्री संजीव सिंह ने मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि  मुख्यमंत्री रात्रिचर प्राणी ' उल्लू ' है क्या ? या उल्लू ही बनाने बनारस आयें है ? 


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उन्होंने कहा वाराणसी इलाहाबाद मार्ग पर " पुल दुर्घटना " दिन के 5:20 पर होती है जहाँ डेढ़ दर्जन लोग मरे और दर्जनों घायल हुए। आज भी उस क्षेत्र के बङे बुजुर्ग- बच्चे उस तरफ नहीं निकलते,काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में मंदिर,भवन और देव विग्रह तोङे जाते है दिन में, मंदिरों और धरोहरों को बचाने के लिए " मंदिर आन्दोलनम तथा धरोहर बचाओ समिति " पदयात्रा कर रही है तपती धूप में दिन में, सूखती और कलपती माँ गंगा की दुर्दशा दिखेगी दिन के उजाले में ! आखिर इतना ही योगी महाराज को काशी की चिंता सता रही थी तो दिन में इन स्थानों पर जाते तो सत्य तथा कष्ट का बोध लोगों से होता।

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वही मंदिर,धरोहर बचाने वाले आन्दोलनकारियों जिनका नेतृत्व जगद्गुरु श्रद्धेय शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द जी के शिष्य श्रद्धेय स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरान्नद जी कर रहे है उनसे तथा अन्य आन्दोलनकारियों से मिलें तक नहीं मिलते तब जानते कि आखिर लोगों को अपनी संस्कृति को बचाने की तङप क्या है..? मिले भी तो उसी क्षेत्र के आत्म प्रवचिंत बौने से जो धरोहर बेचने और मंदिर तोङे जाने पर लोगों को बरगलाता रहा उससे मिलकर विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र की समस्या जान गये तो फिर क्या पूछना..? जिसके वैचारिक धरोहर पहले से हिला हुआ है ।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी उर्फ अजय सिंह " बिष्ट " महाराज यदि पुल दुर्घटना - भ्रष्टाचार के बारे में जानकारी लेना था तो अपने चम्मचो से नहीं बल्कि मारे गये लोगों के परिजनों से मिलते,दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र के लोगों से दिन के उजाले में मिलते/ देखते तब जान पाते की सच्चाई क्या है..? और अभी किन किन प्रशासनिक चम्मचो को सलाखों के पीछे जाना चाहिये था लेकिन वो आप से नहीं होगा क्योंकि जब बी.एच.यू. की नाइट्रस आक्साइड की घटना में मारे गये दोषी डाक्टरो, सुपरिडेंट " परेरहाट कंपनी " के मालिक भाजपा विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी को जेल नहीं भेज पायें तो बनारस के लिए योगी जी आपका यह दौरा " उल्लूगिरी " के लिए ही जाना जायेगा।


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