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| अरुण मारवाह |
भारतीय वायुसेना में जासूसी और गद्दारी का मामला एक बार फिर से सामने आया है। एयरफोर्स के एक अफसर को आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अफसर का नाम कैप्टन अरुण मारवाह है। उन पर इंडियन एयरफोर्स के गुप्त दस्तावेज ISI एजेंट तक पहुंचाने का आरोप है।
गुरुवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कैप्टन अरुण मारवाह को गिरफ्तार किया। स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाह ने इस ख़बर की पुष्टि करते हुए बताया कि ऑफिशियल्स सीक्रेट एक्ट के सेक्शन 3 और 5 के अंतर्गत अरुण मारवाह पर FIR कर दी गई है।
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के लिए जासूसी करने व उसको गोपनीय दस्तावेज मुहैया कराने के आरोप में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह (51) को दिल्ली से गिरफ्तार किया है।
‘लड़की’ बनकर आइएसआइ का एक एजेंट अरुण मारवाह से करता था। बात सूत्रों के अनुसार कुछ माह पहले आइएसआइ के एक एजेंट ने लड़की बनकर अरुण मारवाह से संपर्क किया था। इसके बाद दोनों में फोन पर लगातार चैटिंग होने लगी। दोनों एक दूसरे को अश्लील मैसेज भेजते थे। लड़की के रूप में पूरी तरह अपने जाल में फंसाने के बाद आइएसआइ एजेंट ने मारवाह से कई गोपनीय दस्तावेज की मांग किया।
अरुण मारवाह पर आरोप है कि कुछ गोपनीय दस्तावेज उसे मुहैया करा दिए। कुछ हफ्ते पहले एयरफोर्स के वरिष्ठ अधिकारी को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने आंतरिक जांच बैठा दिया था।
सेना की आंतरिक जांच में मारवाह की जासूसी में संलिप्तता पाए जाने पर एयरफोर्स के वरिष्ठ अधिकारी ने दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक से इसकी शिकायत की। पटनायक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल सेल को इसकी जांच सौंप दी गयी।
स्पेशल सेल ने बृहस्पतिवार सुबह मुकदमा दर्ज कर अरुण मारवाह को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही दोपहर बाद पटियाला हाउस कोर्ट स्थित मुख्य महानगर दंडाधिकारी दीपक सहरावत की अदालत में पेश कर उन्हें पांच दिन की रिमांड पर ले लिया।
स्पेशल सेल ने आरोपी का मोबाइल जब्त कर लिया है। स्पेशल सेल उनसे पूछताछ कर लड़की बनकर भेंट करने वाले आइएसआइ एजेंट व कौन-कौन से गोपनीय दस्तावेज उसे मुहैया कराए गए हैं, इस बारे में पता लगा रही है।
अधिकारी वायुसेना मुख्यालय में तैनात था। बताया जा रहा है कि वायुसेना के केंद्रीय सुरक्षा एवं जांच दल ने एक नियमित जासूसी रोधी चौकसी के दौरान पाया कि अधिकारी अनधिकृत इलेक्ट्रानिक उपकरणों के जरिए अवांछित गतिविधियों में लिप्त था।
सूत्रों के मुताबिक वायुसेना मुख्यालय में तैनात रहे ग्रुप कैप्टन को काउंटर इंटेलिजेंस विंग की ओर से करीब 10 दिनों तक की गई पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया। उसे पांच दिन के रिमांड पर भेज दिया गया है।

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