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| श्री संजय सिंह (राज्यसभा सांसद आम आदमी पार्टी ) |
दिल्ली की अरविन्द केजरीवाल सरकार के साथ पहले दिन से ही केंद्र में बैठी मोदी सरकार सौतेला व्यवहार करती रही है। जैसा हमारे साथ और हमारी सरकार के साथ किया जा रहा है, उसे देखकर ऐसा लग रहा है कि जैसे हमने राजनीति में आकर कोई पाप कर दिया हो। दिल्ली के सीएम के दफ्तर पर सीबीआई का छापा डलवा दिया जाता है, डिप्टी सीएम के घर पर सीबीआई भेज दी जाती है, स्वास्थ्य मंत्री के पीछे सीबीआई छोड़ दी जाती है, आम आदमी पार्टी के 15 विधायकों को गिरफ्तार करा दिया जाता है।
बीजेपी की सरकार में अगर आप अपराधी हैं तो आपको कुछ नहीं कहा जाएगा और आपके ख़िलाफ़ कुछ नहीं किया जाएगा लेकिन अगर आप आम आदमी पार्टी का झंडा उठा लेंगे तो आपको पीट-पीटकर जेल में डाल दिया जाएगा और आपके ख़िलाफ़ झूठा मुकदमा बना दिया जाएगा। हमने दिल्ली में राशन का मुद्दा उठाया, दरअसल दिल्ली में पिछले 2-3 महीनों से लोगों को राशन नहीं मिल रहा, भगवान ना करें अगर दिल्ली में किसी की भूख के कारण मृत्यु हो गई तो जनता मुख्य सचिव अंशू प्रकाश से सवाल नहीं पूछने जाएगी, जनता ने अरविंद केजरीवाल को चुना है और जनता सवाल अरविंद केजरीवाल से करेगी।
श्री सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से जन्मी पार्टी है और हमारी पार्टी पर आजतक किसी दंगे का आरोप नहीं लगा है, दंगे और आगज़नी के आरोप किसी पार्टी पर लगते हैं ये पूरा देश जानता है। हमारा तो यह कहना है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री समेत आम आदमी पार्टी के सभी विधायकों को जेल में डाल दीजिए, आम आदमी पार्टी की मान्यता रद्द कर दीजिए ताकि मोदी जी को शांति मिल सके।
'आप' के राष्ट्रिय प्रवक्ता व वरिष्ठ नेता आशुतोष के कहा कि मुख्य सचिव महोदय ने सिर्फ़ बयान दिया है, उसका कोई साक्ष्य पब्लिक डोमेन में मौजूद नहीं है। लेकिन हमारे नेताओं के साथ मारपीट की गई और उसका बाकायदा वीडियो साक्ष्य मौजूद है लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई दिल्ली पुलिस नहीं कर रही है। कानून की नज़र में मुख्य सचिव और चपरासी एक बराबर होते हैं, लेकिन पुलिस बीजेपी के इशारे पर काम कर रही है और ऐसा लगता है कि इस देश में दो तरह की न्याय व्यवस्था है।
जो लोग ये कह रहे हैं कि मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में विज्ञापन का मामला उठाया गया था तो उनकी जानकारी के लिए बताना चाहेंगे कि दिल्ली में 36,394 कार्ड होल्डर्स के तकरीबन ढाई लाख लोगों को राशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है, ये लोग ग़रीब लोग हैं वंचित लोग हैं, पिछले साल 6 दिसम्बर को ही खाद्य मंत्री ने लिखित में आदेश दिया था कि आधार लिंक हुई मशीन में कुछ तकनीकी दिक्कत आ रही है लिहाज़ा मशीन से राशन देना बंद करके उन ग़रीब परिवारों को पहले जैसी व्यवस्था से राशन देना शुरु किया जाए और मशीन में जो दिक्कत आ रही है उसे जल्द ठीक किया जाए, लेकिन अफ़सर मंत्री का आदेश ना सुन रहे थे और ना ही जनता को राशन मिल रहा था।

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