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| श्री सुब्रमनियम स्वामी |
सुब्रमण्यिन स्वामी अहमदाबाद में चार्टर्ड अकाउंटेंट की सभा में जो कहा है, वह बहुत चिंताजनक है। ये कोई विपक्ष के नेता का आरोप नहीं है।सुब्रमण्यिन स्वामी भाजपा नेता हैं और राज्यसभा सदस्य हैं।
स्वामी ने सभा कहा कि “ कृपया जीडीपी के तिमाही आंकड़ों पर भरोसा न करें। सब के सब बोगस हैं। मैं बता रहा हूं क्योंकि मेरे पिता ने सेंट्रल स्टेस्टिकिल आर्गेनाइज़ेशन(CSO) की स्थापना की थी। हाल ही में मंत्री सदानंद गौड़ा के साथ मैं वहां गया था। मैंने सीएसओ के अधिकारी को बुलाया क्योंकि उन पर दबाव था कि नोटबंदी पर डेटा छापे। इसलिए उन्होंने जीडीपी का डेटा छापा कि नोटबंदी का कोई असर नहीं हुआ है। मैं बहुत नवर्स हो रहा हूं क्योंकि असर तो हुआ है। इसलिए मैंने सीएसओ के निदेशक से पूछा कि आपने इस तिमाही की जीडीपी का अनुमान कैसे लगाया, नोटबंदी तो नवंबर में हुई थी और आपने एक फरवरी 2017 को छपा हुआ आर्थिक सर्वे दे दिया। इसका मतलब है कि कम से कम तीन हफ्ता पहले छपने के लिए गया होगा। यानी आपने जनवरी के पहले सप्ताह में रिपोर्ट जमा कर दी होगी और आपने जीडीपी की गिनती भी कर ली कि नोटबंदी का कोई असर नहीं हुआ है। आपने कैसे गिनती कर ली?”
तब उस अधिकारी ने मुझे बताया कि मैं क्या कर सकता था। मुझ पर डेटा देने का दबाव था। इसलिए मैंने आंकड़ें दे दिए। किसी भी तिमाही आंकड़े पर भरोसा मत कीजिए। स्वामी ने यह भी कहा कि मूडी और फिचेस की रेटिंग पर यकीन मत कीजिए। आप उन्हें पैसा देकर कोई भी रिपोर्ट प्रकाशित करवा सकते हैं।
स्वामी के बयान को कब हल्का समझना है और कब गंभीर वही जाने और बीजेपी के लोग जाने मगर उनका ही सांसद अगर ये बात कहे कि दबाव डालकर जीडीपी के आंकड़े प्रकाशित किए जा रहे हैं तो उसका जवाब तो आना ही चाहिए।

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